नैदानिक चिकित्सा अनुसंधान एकक बुरहानपुर में हिंदी पखवाड़ा का समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित



बुरहानपुर, 30 सितंबर 2026।
केन्द्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान परिषद, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली के अधीन नैदानिक चिकित्सा अनुसंधान एकक, बुरहानपुर में बुधवार को हिंदी पखवाड़ा का गौरवपूर्ण समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। मुख्यालय के दिशा-निर्देशानुसार इकाई में 14 सितंबर से 28 सितंबर तक हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं वक्ता कलारत्न एवं साहित्य शिरोमणि कवि-गीतकार ठाकुर वीरेंद्रसिंह ‘चित्रकार’ रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि “हिंदी हमारी आत्मा है, जो दिमाग से नहीं बल्कि दिल से निकलती है।” हिंदी हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा है, जो हमें सम्मान, अपनापन और अपनी संस्कृति से जोड़ती है। शब्द भले ही समाप्त हो जाएं, लेकिन अच्छे विचारों की गूंज लंबे समय तक बनी रहती है। हिंदी केवल शब्दों का समूह नहीं, बल्कि हमारी संवेदना, परंपरा और अभिव्यक्ति की सशक्त भाषा है। यह केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक जुड़ाव की महत्वपूर्ण कड़ी है।

इस अवसर पर ठाकुर वीरेंद्रसिंह ‘चित्रकार’ ने काव्यरस से ओत-प्रोत गीत की मनमोहक प्रस्तुति भी दी। उनकी पंक्तियां “ये देश है भारत, भारतीय हम, राष्ट्र भाषा हमारी हिंदी है; धर्म, जाति, समाज भले हो अलग, मातृ भाषा हमारी हिंदी है” ने उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया।

कार्यक्रम के विशेष अतिथि डॉ. ब्रिजमोहन गुप्ता, प्राचार्य, सैफीया हमीदिया तिब्बिया कॉलेज, बुरहानपुर ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हम सभी को हिंदी के प्रति अपनी जिम्मेदारी का एहसास होना चाहिए। हिंदी को केवल भाषा के रूप में नहीं, बल्कि संस्कृति और पहचान के रूप में देखने की आवश्यकता है।

विशेष अतिथि डॉ. तनवीर जिनवाला ने हिंदी पखवाड़े की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह जानकर प्रसन्नता होती है कि इकाई में शासकीय कामकाज में अधिक से अधिक हिंदी का प्रयोग किया जाता है। उन्होंने कहा कि हिंदी सीखने, अपनी बात अभिव्यक्त करने तथा प्रतिभा को निखारने का अवसर प्रदान करती है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं डॉ. यासमीन फातिमा, अनुसंधान अधिकारी प्रभारी ने हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत आयोजित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हिंदी को आगे बढ़ाने का सबसे सुंदर तरीका यही है कि हम इसे अपने दैनिक जीवन में सहजता, सम्मान और गर्व के साथ अपनाएं।

प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार

हिंदी के प्रति रुचि एवं प्रेम विकसित करने के उद्देश्य से इकाई में हिंदी पखवाड़े के दौरान राजभाषा ज्ञान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता एवं हिंदी शब्द ज्ञान प्रतियोगिता आयोजित की गईं। दोनों प्रतियोगिताओं के विजेताओं को नगद राशि एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।

राजभाषा ज्ञान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार श्री अमन नागर, द्वितीय पुरस्कार डॉ. मोहम्मद इमरान जावेद, तृतीय पुरस्कार श्री हितेश सोनी तथा प्रोत्साहन पुरस्कार श्री गणेश आमोदे को प्रदान किया गया।

वहीं हिंदी शब्द ज्ञान प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार श्रीमती दलजीत शर्मा, द्वितीय पुरस्कार डॉ. मोहम्मद इमरान खान, तृतीय पुरस्कार डॉ. मुब्बशरा खान तथा प्रोत्साहन पुरस्कार श्री सिराज अहमद को दिया गया।

पौधा भेंट कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को साकार करते हुए अतिथियों का स्वागत पौधा भेंट कर किया गया। इस अवसर पर कहा गया कि पौधा केवल हरियाली का प्रतीक नहीं, बल्कि स्वच्छ वायु, सुरक्षित पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य का संदेश भी है।

शहीद करतार सिंह सराभा की स्मृति में स्वतंत्रता सेनानी परिवार की ओर से श्रीमती दलजीत शर्मा द्वारा इकाई को एक पोडियम सप्रेम भेंट किया गया। मुख्य अतिथि को कार्यक्रम की स्मृति के रूप में स्मृति चिह्न भेंट किया गया।

कार्यक्रम का संचालन श्रीमती दलजीत शर्मा ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन डॉ. मोहम्मद इमरान जावेद द्वारा किया गया।

समारोह में डॉ. मुब्बशरा खान, डॉ. मोहम्मद इमरान जावेद, डॉ. मोहम्मद इमरान खान, श्रीमती दलजीत शर्मा, श्री हितेश सोनी, श्री अमन नागर, श्री सिराज अहमद सहित इकाई के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इसके अलावा सैफीया हमीदिया यूनानी तिब्बिया कॉलेज एवं सईदा हॉस्पिटल के स्टाफ ने भी समारोह में सहभागिता कर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।

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