मां ताप्ती की पवित्रता पर गहराता संकट – आस्था आहत, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

बुरहानपुर। ताप्ती सेवा समिति, बुरहानपुर ने ताप्ती नदी के राजघाट क्षेत्र में उत्पन्न गंभीर स्थिति को लेकर गहरी चिंता एवं आक्रोश व्यक्त किया है। समिति के अनुसार बसाड़ के पास निर्माणाधीन पुल के कारण नदी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो गया है, जिससे राजघाट क्षेत्र में पानी का ठहराव हो रहा है।

यह ठहरा हुआ पानी अब शहर के गंदे नालों के पानी से भर चुका है, जिसके चलते ताप्ती का जल अत्यंत प्रदूषित, दुर्गंधयुक्त एवं हरे रंग का हो गया है। हाल ही में बड़ी संख्या में मछलियों का मृत अवस्था में पाया जाना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि नदी का जीवन गंभीर संकट में है।

समिति ने कहा कि यह केवल पर्यावरणीय समस्या नहीं है, बल्कि करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था का विषय है। राजघाट पर नियमित रूप से मां ताप्ती की आरती एवं विभिन्न धार्मिक आयोजन होते हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां आकर मछलियों को दाना डालते हैं और मां ताप्ती के दर्शन कर अपनी आस्था प्रकट करते हैं। वर्तमान स्थिति में मछलियों की मृत्यु, दुर्गंधयुक्त जल और गंदगी ने श्रद्धालुओं की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है।

समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि वह इस गंभीर समस्या को लेकर लगातार प्रशासन को अवगत कराती रही है, बार-बार संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया गया, किंतु हर बार केवल आश्वासन ही प्राप्त हुआ। अब स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि इसे नजरअंदाज करना संभव नहीं है।

इसके साथ ही ताप्ती सेवा समिति अध्यक्ष सरिता भगत बताया कि समिति लंबे समय से प्रदेश सरकार से “ताप्ती विकास प्राधिकरण” के गठन की मांग भी करती आ रही है, जिससे नदी के समग्र संरक्षण, स्वच्छता और विकास के लिए एक सशक्त एवं स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।

अधिक जानकारी देते हुए समिति सदस्य धर्मेन्द्र सोनी ने यह भी उल्लेख किया कि ताप्ती नदी देश की एक महत्वपूर्ण और प्रमुख नदी है, जो मध्य भारत के तीन राज्यों से होकर गुजरती है और लाखों लोगों के जीवन, कृषि, जलापूर्ति एवं आस्था से जुड़ी हुई है। ऐसी महत्वपूर्ण नदी का इस प्रकार प्रदूषित होना न केवल स्थानीय, बल्कि क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर का गंभीर विषय है।

समिति ने प्रमुख मांगें रखी

ताप्ती नदी के जल प्रवाह को तत्काल सुचारु किया जाए, 

शहर के गंदे नालों का पानी नदी में जाने से पूर्णतः रोका जाए,

मृत मछलियों को तत्काल हटाकर जल की सफाई करवाई जाए,

जल गुणवत्ता की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए,

एवं “ताप्ती विकास प्राधिकरण” का शीघ्र गठन किया जाए।

अंत में समिति ने स्पष्ट किया कि यदि शीघ्र ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।

एक स्वर में समिति सदस्यों ने कहा “मां ताप्ती हमारी आस्था है – इसके अपमान को अब और सहन नहीं किया जाएगा”इस कार्यक्रम में उपस्थित श्रीमती सरिता राजेश भगत राजीव खेड़कर धर्मेंद्र सोनी मंसुर सेवक अत्ताउल्लाह खान नंदकिशोर वाणे परेश शाह शोभा लाल शर्मा सचिन सोनकर अंसारी डॉ यूसुफ खान राम अग्रवाल मनोज कानूनगो आदि लोग मौजूद थे।

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